मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रगति: एक विश्लेषण

सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) का परिचय और MENA क्षेत्र का संदर्भ

सितंबर 2015 में, संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देशों ने 2030 सतत विकास एजेंडा को अपनाया, जिसके केंद्र में 17 सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals – SDGs) हैं। ये लक्ष्य गरीबी उन्मूलन से लेकर जलवायु कार्रवाई तक, मानवता और ग्रह के लिए एक साझा रोडमैप प्रस्तुत करते हैं। मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र, जिसमें अल्जीरिया, बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, ट्यूनीशिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यमन जैसे देश शामिल हैं, इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में अद्वितीय चुनौतियों और अवसरों का सामना करता है। यह क्षेत्र विशाल तेल और गैस संसाधनों, गहरी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत, लेकिन साथ ही पानी की कमी, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक विविधीकरण की आवश्यकता जैसे मुद्दों से चिह्नित है।

क्षेत्रीय प्रगति का समग्र आकलन: डेटा और रुझान

संयुक्त राष्ट्र की SDG रिपोर्ट 2023 और बर्टेल्समैन स्टिफ्टुंग के SDG इंडेक्स के अनुसार, MENA क्षेत्र SDGs की प्राप्ति में मिश्रित प्रगति दर्शाता है। कुल मिलाकर, क्षेत्र 2030 की समयसीमा के अनुरूप गति से आगे नहीं बढ़ रहा है। संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और जॉर्डन जैसे देशों ने कई सूचकांकों पर उल्लेखनीय प्रगति दिखाई है, विशेष रूप से आर्थिक विकास, ऊर्जा पहुंच और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में। हालांकि, यमन, सीरिया, लीबिया और इराक जैसे संघर्षग्रस्त देशों ने कई लक्ष्यों पर पिछड़ते हुए गंभीर प्रतिगमन देखा है, जिससे क्षेत्रीय औसत प्रभावित हुआ है। विश्व बैंक और अरब मौद्रिक कोष के आंकड़े बताते हैं कि COVID-19 महामारी ने स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव डाला और गरीबी में वृद्धि की, जिससे प्रगति और धीमी हुई।

प्रमुख सफलताएं और उन्नति के क्षेत्र

कुछ क्षेत्रों में MENA देशों ने वैश्विक मानकों से ऊपर प्रदर्शन किया है। SDG 7 (सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा) के तहत, सऊदी अरब का नेओम शहर और मोरक्को का नूर ऊवर्ज़ाज़ेट सौर संयंत्र स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के प्रमुख उदाहरण हैं। UAE ने बरकह परमाणु ऊर्जा संयंत्र चालू किया है। SDG 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) में, देशों ने सकल नामांकन अनुपात में सुधार किया है, विशेष रूप से प्राथमिक स्तर पर। कतर फाउंडेशन और दुबई के C3 (क्रिएटिव क्लस्टर कंसल्टेंसी) जैसे संस्थान शैक्षिक नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। SDG 9 (उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा) के तहत, सऊदी अरब की विजन 2030, UAE की सेंटेनियल 2071 और मिस्र का 2030 विजन बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास और डिजिटलीकरण पर जोर देते हैं, जैसे कि सऊदी अरब के NEOM, रेड सी प्रोजेक्ट और किंग अब्दुल्ला इकोनॉमिक सिटी (KAEC) में देखा जा सकता है।

प्रमुख चुनौतियां और पिछड़े क्षेत्र

चुनौतियां गंभीर और अंतर्संबंधित हैं। SDG 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) इस क्षेत्र के लिए एक गंभीर मुद्दा है, क्योंकि MENA दुनिया के सबसे अधिक जल-तनावग्रस्त क्षेत्रों में से एक है। जॉर्डन और फिलिस्तीन में पानी की उपलब्धता प्रति व्यक्ति बेहद कम है। SDG 16 (शांति, न्याय और मजबूत संस्थान) चल रहे संघर्षों, शरणार्थियों के संकट (सीरिया और यमन से) और कुछ क्षेत्रों में सीमित नागरिक स्वतंत्रता के कारण एक बड़ी बाधा है। SDG 5 (लैंगिक समानता) में प्रगति धीमी है, हालांकि सऊदी अरब में महिलाओं की ड्राइविंग और श्रम बल में भागीदारी में हाल के सुधार उल्लेखनीय हैं। SDG 8 (अच्छा काम और आर्थिक वृद्धि) युवा बेरोजगारी की उच्च दर से प्रभावित है, जो कई देशों में 25% से अधिक है, जैसे कि ट्यूनीशिया और अल्जीरिया में।

लक्ष्य-वार विस्तृत विश्लेषण

MENA क्षेत्र में SDGs की प्रगति को समझने के लिए प्रमुख लक्ष्यों का गहन अध्ययन आवश्यक है।

SDG 1: गरीबी उन्मूलन और SDG 2: भूखमरी समाप्त करना

विश्व बैंक के अनुसार, चरम गरीबी ($2.15 प्रतिदन) MENA में वैश्विक औसत से कम है, लेकिन संघर्ष ने इसे बढ़ाया है। यमन में, संयुक्त राष्ट्र के WFP (विश्व खाद्य कार्यक्रम) के अनुसार, 2023 में लाखों लोग अकाल के कगार पर थे। सीरिया और लीबिया में भी खाद्य असुरक्षा गंभीर है। तेल-निर्यातक देशों में, गरीबी अक्सर सापेक्ष है और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों, जैसे सऊदी अरब के सिटीजन अकाउंट प्रोग्राम द्वारा संबोधित की जाती है।

SDG 3: अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण

क्षेत्र ने शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी जैसे संकेतकों में प्रगति की है। कतर का सिदरा मेडिसिन और UAE का क्लीवलैंड क्लिनिक अबू धाबी स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता के केंद्र बन गए हैं। हालांकि, गैर-संचारी रोगों (मधुमेह, हृदय रोग) की उच्च दर और संघर्ष क्षेत्रों में स्वास्थ्य प्रणालियों का टूटना (गाजा पट्टी में अल-शिफा अस्पताल जैसे संस्थानों पर प्रभाव) प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।

SDG 11: सतत शहर और समुदाय

MENA दुनिया के सबसे अधिक शहरीकृत क्षेत्रों में से एक है। दुबई, दोहा और रियाद जैसे शहर तेजी से विकसित हो रहे हैं। सतत शहरी योजना के प्रयासों में दुबई सतत शहर, अबू धाबी का मसदार सिटी और मिस्र की नई प्रशासनिक राजधानी शामिल हैं। लेकिन अनौपचारिक बस्तियों (स्लम) का विस्तार, जैसे कि काहिरा के आसपास, और परिवहन से होने वाला प्रदूषण बड़ी समस्याएं हैं।

SDG 13: जलवायु कार्रवाई

यह क्षेत्र जलवायु परिवर्तन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, जिसमें तापमान वृद्धि, जल संकट और मरुस्थलीकरण का खतरा है। देश पेरिस समझौते के तहत अपनी राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) प्रस्तुत कर रहे हैं। UAE ने 2023 में COP28 की मेजबानी की, जिसमें “जीवाश्म ईंधन के चरणबद्ध निष्कासन” पर ऐतिहासिक चर्चा हुई। सऊदी अरब ने ग्रीन सऊदी इनिशिएटिव और मिडिल ईस्ट ग्रीन इनिशिएटिव लॉन्च किया है, जिसमें अरब प्रायद्वीप में 50 अरब पेड़ लगाने का लक्ष्य शामिल है। ओमान और मोरक्को हरित हाइड्रोजन उत्पादन में अग्रणी बनने की कोशिश कर रहे हैं।

देश केस स्टडीज: विभिन्न रास्ते और नतीजे

संयुक्त अरब अमीरात: एक उच्च प्रदर्शनकर्ता

UAE लगातार SDG ग्लोबल इंडेक्स में शीर्ष अरब देश रहा है। इसने SDGs को अपनी राष्ट्रीय योजना में एकीकृत किया है, जैसे UAE सतत विकास एजेंडा 2030 और UAE नेट जीरो 2050 रणनीति। नवाचार और प्रौद्योगिकी पर जोर देते हुए, मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल इनिशिएटिव और अबू धाबी के मसदार जैसे संस्थान SDG प्रगति को गति दे रहे हैं। हालांकि, इसकी उच्च प्रति व्यक्ति कार्बन फुटप्रिंट और जल उपयोग दक्षता चुनौतियां बनी हुई हैं।

ट्यूनीशिया: लोकतांत्रिक संक्रमण और आर्थिक चुनौतियां

2011 की जैस्मीन क्रांति के बाद, ट्यूनीशिया ने SDG 16 (शांति, न्याय, मजबूत संस्थान) में प्रगति की उम्मीद जगाई। इसने 2014 का संविधान अपनाया जो मानवाधिकारों और लैंगिक समानता की गारंटी देता है। हालांकि, आर्थिक मंदी, उच्च युवा बेरोजगारी, और COVID-19 के प्रभाव ने SDG 1 (गरीबी उन्मूलन) और SDG 8 (आर्थिक वृद्धि) की प्रगति को बाधित किया है। अफ्रीकी विकास बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।

यमन: संघर्ष के कारण विनाशकारी प्रतिगमन

यमन का संघर्ष, जो 2015 से जारी है, SDG प्रगति के लिए विनाशकारी रहा है। देश लगभग सभी लक्ष्यों पर पीछे है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के अनुसार, यमन मानव विकास सूचकांक में दशकों पीछे चला गया है। देश दुनिया की सबसे खराब मानवीय तबाही का सामना कर रहा है, जिसमें अकाल, हैजा का प्रकोप और स्वास्थ्य प्रणाली का पतन शामिल है। होदैदाह बंदरगाह जैसी महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाएं संघर्ष का केंद्र रही हैं।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वित्तपोषण की भूमिका

MENA में SDGs की प्राप्ति के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण है। विश्व बैंक, IMF, और इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक (IsDB) जैसे संस्थान वित्तपोषण और तकनीकी सहायता प्रदान करते हैं। यूरोपीय संघ के साथ साझेदारी और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) के कार्यक्रम भी सक्रिय हैं। क्षेत्रीय पहलों में अरब लीग का समन्वय और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की रणनीतियाँ शामिल हैं। हालांकि, SDGs के लिए वित्तपोषण अभी भी अपर्याप्त है, और संघर्ष प्रभावित देशों को पर्याप्त धन नहीं मिल पाता।

भविष्य की राह: सिफारिशें और नवाचार के अवसर

2030 तक महत्वपूर्ण प्रगति के लिए, MENA देशों को निम्नलिखित पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए:

  • जल प्रबंधन नवाचार: इज़राइल की ड्रिप सिंचाई और जल पुनर्चक्रण तकनीकों से सीख, और अल्जीरियालीबिया में विशाल नूबियन सैंडस्टोन एक्विफर सिस्टम का सतत दोहन।
  • युवा सशक्तिकरण: मिस्र में प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय अकादमी (NATE) जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा प्रणाली का सुधार और कौशल विकास।
  • हरित ऊर्जा संक्रमण: सौर (मोरक्को के नूर कॉम्प्लेक्स) और पवन (मिस्र के गलफ सिटी) ऊर्जा क्षमता का पूर्ण दोहन, और हरित हाइड्रोजन हब के रूप में विकास।
  • शांति और स्थिरता: यमन और सीरिया जैसे देशों में राजनीतिक समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली वार्ता को प्राथमिकता।
  • डेटा और निगरानी: कुवैत के CSB (सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो) और मोरक्को के HCP (हौट कमिसारिएट ऑ ऑ प्लान) जैसे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों को मजबूत करना, ताकि SDG प्रगति की बेहतर निगरानी हो सके।

MENA क्षेत्र में SDG प्रगति का तुलनात्मक डेटा (चयनित देश)

निम्न तालिका विभिन्न स्रोतों (UNDP, विश्व बैंक, SDG इंडेक्स) के आधार पर चयनित देशों की प्रमुख SDG संबंधित स्थिति को दर्शाती है।

देश SDG ग्लोबल इंडेक्स 2023 रैंक (कुल 166) प्रमुख चुनौती वाले SDG प्रमुख प्रगति वाले SDG प्रमुख पहल/नीति
संयुक्त अरब अमीरात 15 SDG 12 (जिम्मेदार खपत), SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) SDG 7 (ऊर्जा), SDG 9 (बुनियादी ढांचा), SDG 17 (साझेदारी) UAE नेट जीरो 2050, मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल इनिशिएटिव
जॉर्डन 86 SDG 6 (जल), SDG 8 (आर्थिक वृद्धि), SDG 1 (गरीबी) SDG 4 (शिक्षा), SDG 16 (शांति/संस्थान) जॉर्डन 2025 विजन, शरणार्थी समर्थन (UNHCR के साथ)
मोरक्को 78 SDG 10 (असमानता कम करना), SDG 5 (लैंगिक समानता) SDG 7 (ऊर्जा), SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) नूर सौर कार्यक्रम, कृषि संवर्धन रणनीति (ग्रीन मोरक्को)
मिस्र 81 SDG 8 (युवा बेरोजगारी), SDG 6 (जल) SDG 4 (शिक्षा), SDG 9 (बुनियादी ढांचा) 2030 विजन, नई प्रशासनिक राजधानी, Takaful और Karama सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम
सऊदी अरब 51 SDG 13 (जलवायु), SDG 14 (जलीय जीवन) SDG 3 (स्वास्थ्य), SDG 4 (शिक्षा), SDG 7 (ऊर्जा) विजन 2030, ग्रीन सऊदी इनिशिएटिव, NEOM
ट्यूनीशिया 92 SDG 8 (आर्थिक वृद्धि), SDG 1 (गरीबी) SDG 5 (लैंगिक समानता), SDG 16 (शांति/संस्थान) 2014 संविधान, डेमोक्रेटिक ट्रांजिशन
यमन 163 सभी SDG, विशेष रूप से SDG 2 (भूख), SDG 3 (स्वास्थ्य), SDG 16 (शांति) नगण्य प्रगति मानवीय सहायता पर निर्भरता (WFP, UNICEF)

निष्कर्ष: 2030 तक का रोडमैप

MENA क्षेत्र के सामने सतत विकास का एक जटिल लेकिन प्राप्त करने योग्य मार्ग है। संसाधन-समृद्ध देशों के पास हरित प्रौद्योगिकियों और सामाजिक सुधारों में निवेश करने का वित्तीय साधन है, जैसा कि सऊदी अरब, UAE और कतर द्वारा दिखाया गया है। मध्यम-आय वाले देशों जैसे मोरक्को, जॉर्डन और मिस्र को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और निजी क्षेत्र के निवेश पर निर्भर रहते हुए अपनी प्रगति को तेज करने की आवश्यकता है। सबसे अहम, यमन, सीरिया, लीबिया और फिलिस्तीन में शांति और स्थिरता स्थापित करना किसी भी सार्थक विकास की पूर्व शर्त है। क्षेत्र की युवा आबादी, ऊर्जा संसाधन और रणनीतिक स्थिति इसे SDGs को प्राप्त करने में एक गतिशील भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करती है, बशर्ते कि सहयोग, नवाचार और समावेशिता को प्राथमिकता दी जाए।

FAQ

MENA क्षेत्र में SDGs की प्रगति के लिए सबसे बड़ी बाधा क्या है?

सबसे बड़ी बाधा राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र संघर्ष है, जैसे कि यमन, सीरिया, लीबिया और फिलिस्तीन-इज़राइल संघर्ष में देखा गया है। संघर्ष बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देता है, आबादी को विस्थापित करता है, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणालियों को बाधित करता है, और आर्थिक गतिविधि को रोकता है, जिससे लगभग सभी SDGs पर तत्काल प्रतिगमन होता है।

तेल पर निर्भर देश सतत विकास की ओर कैसे बढ़ रहे हैं?

तेल पर निर्भर देश, विशेष रूप से खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य, आर्थिक विविधीकरण और हरित संक्रमण के माध्यम से बदल रहे हैं। सऊदी अरब की विजन 2030, UAE की सेंटेनियल 2071 और कतर नेशनल विजन 2030 जैसे रोडमैप पर्यटन, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा (सौर, परमाणु, हरित हाइड्रोजन) और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में निवेश पर जोर देते हैं। वे अपने तेल राजस्व का उपयोग इन भविष्य के क्षेत्रों के विकास के लिए कर रहे हैं।

जल संकट (SDG 6) से निपटने के लिए MENA देश क्या नवाचार कर रहे हैं?

नवाचारों में शामिल हैं: (1) विकसित जल संयंत्रों (Desalination) का बड़े पैमाने पर विस्तार, जैसे कि UAE में जेबेल अली संयंत्र और सऊदी अरब में रास अल-खैर संयंत्र। (2) स्मार्ट सिंचाई और ड्रिप तकनीक का उपयोग, जिसमें इज़राइली कंपनी नेटाफिम की तकनीक शामिल है। (3) अपशिष्ट जल उपचार और पुनर्चक्रण, जैसे कि ओमान की बरका जल उपचार सुविधा। (4) कृत्रिम वर्षा (क्लाउड सीडिंग) के लिए अनुसंधान, UAE में सक्रिय। (5) पारंपरिक जल संरक्षण पद्धतियों, जैसे ओमान के अफलाज (जल चैनल) और ईरान के कनात (भूमिगत एक्वाडक्ट) का पुनरुद्धार।

MENA में SDG प्रगति की निगरानी कौन कर रहा है और डेटा कहाँ से आता है?

मुख्य निगरानी संस्थानों में शामिल हैं: (1) संयुक्त राष्ट्र संस्थान जैसे UNDP, UNESCWA (संयुक्त राष्ट्र पश्चिमी एशिया आर्थिक और सामाजिक आयोग), और विश्व बैंक। (2) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSOs) प्रत्येक देश में, जैसे मिस्र का CAPMAS, सऊदी अरब का GASTAT। (3) शोध संस्थान जैसे बर्टेल्समैन स्टिफ्टुंग (SDG इंडेक्स) और अरब एनजीओ नेटवर्क फॉर डेवलपमेंट (ANND)। (4) क्षेत्रीय संगठन जैसे अरब लीग और इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक। डेटा जनगणना, घरेलू सर्वेक्षण, प्रशासनिक रिकॉर्ड और उपग्रह इमेजरी से एकत्र किया जाता है।

क्या MENA क्षेत्र 2030 तक SDGs को प्राप्त कर सकता है?

वर्तमान गति और रुझानों के आधार पर, अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि पूरा MENA क्षेत्र सभी 17 लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाएगा। हालांकि, महत्वपूर्ण प्रग

ISSUED BY THE EDITORIAL TEAM

This intelligence report is produced by Intelligence Equalization. It is verified by our global team to bridge information gaps under the supervision of Japanese and U.S. research partners to democratize access to knowledge.

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